2 जून 2026 को देवगुरु बृहस्पति (गुरु) कर्क राशि में उदित हो रहे हैं। वैदिक ज्योतिष में कर्क राशि गुरु की उच्च राशि मानी जाती है, इसलिए यह गोचर कई राशियों के लिए शुभ फलदायी रहेगा। शिक्षा, विवाह, संतान, धन, करियर और आध्यात्मिक क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं।
मेष राशि
भाग्य का साथ मिलेगा। परिवार में सुख-शांति बढ़ेगी। संपत्ति और वाहन संबंधी कार्यों में सफलता मिल सकती है।
वृषभ राशि
साहस और आत्मविश्वास बढ़ेगा। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। नई योजनाएं सफल हो सकती हैं।
मिथुन राशि
आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आय के नए स्रोत बन सकते हैं। वाणी के प्रभाव से लाभ मिलेगा।
कर्क राशि
गुरु आपकी राशि में उच्च के होंगे। मान-सम्मान, करियर, विवाह और धन के मामलों में विशेष लाभ मिलने के योग हैं।
सिंह राशि
खर्चों में वृद्धि हो सकती है। विदेश यात्रा या विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है। आध्यात्मिक रुचि बढ़ेगी।
कन्या राशि
आय में वृद्धि होगी। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। मित्रों और बड़े भाई-बहनों से लाभ मिलेगा।
तुला राशि
करियर में उन्नति के अवसर मिलेंगे। नौकरी और व्यवसाय में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
वृश्चिक राशि
भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। धार्मिक यात्राओं और उच्च शिक्षा में सफलता के योग हैं।
धनु राशि
अचानक धन लाभ हो सकता है। शोध, बीमा, निवेश और गुप्त विषयों से लाभ मिलने के संकेत हैं।
मकर राशि
विवाह और साझेदारी के मामलों में शुभ परिणाम मिल सकते हैं। दांपत्य जीवन बेहतर होगा।
कुंभ राशि
प्रतियोगी परीक्षाओं और नौकरी में सफलता मिल सकती है। शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी।
मीन राशि
संतान, शिक्षा, प्रेम संबंध और रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। मन प्रसन्न रहेगा।
निष्कर्ष
गुरु का कर्क राशि में उदय अधिकांश राशियों के लिए शुभ अवसर लेकर आ रहा है। विशेष रूप से कर्क, वृश्चिक, मीन, तुला और कन्या राशि के जातकों को इसका अधिक लाभ मिल सकता है। हालांकि व्यक्तिगत कुंडली में ग्रहों की स्थिति के अनुसार परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं।